दो महाशक्तियों का मिलन:

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दो महाशक्तियों का मिलन: महाबलीपुरम:- तमिलनाडु के ऐतिहासिक शहर महाबलीपुरम में शुक्रवार को एशिया के दो महा शक्तियों के बीच महा मुलाकात हुई इस मुलाकात में रिश्तो की गर्मजोशी और आपसी विश्वास साफ देखने को मिला भारत और चीन के बीच 5 साल पहले साबरमती तट से शुरू हुआ मोदी- जिनपिंग की दोस्ती का सफर शुक्रवार को दक्षिण भारत के बेहद खूबसूरत और ऐतिहासिक शहर महाबलीपुरम में सकारात्मक माहौल में आगे बढ़ा,
कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद से चीन और भारत के द्विपक्षीय संबंधों में उतार-चढ़ाव के बावजूद जिनपिंग की यह यात्रा काफी अहम है, विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार भारत और चीन के बीच दोस्ती का यह नया अध्याय शुरू हुआ, दोनों देशों का जोर आपसी विश्वास और सहयोग को मजबूत करने पर हैं ,शनिवार को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के पूर्वकालिक राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच सीमा विवाद सुलझाने पर बात हो सकती है, ताकि डोकलाम जैसी स्थिति की पुनरावृत्ति ना हो सके ,भारत कश्मीर को लेकर चीन से कोई बात नहीं करने वाला है, यदि कोई चर्चा हुई तो वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पीओके पर ही होगी ,बृहस्पतिवार को चीन के राजदूत सुन विदोगं ने कहा था कि दोनों देश एक दूसरे के लिए खतरा नहीं है,
मुलाकात के लिए तमिलनाडु के शहर महाबलीपुरम को कूटनीतिक तौर पर चुना गया ,इस शहर का चीन से पुराना रिश्ता रहा है जब 18वीं सदी में यहां के तत्कालीन पल्लव राजा और चीन के शासक के बीच सुरक्षा समझौता हुआ था ,इस लिहाज से इस शहर को चुनने के पीछे की वजह चीन के साथ भारत की पुराने रिश्तो को फिर से ताजा करना है ,चीनी राष्ट्रपति की अगवानी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण भारत की तमिल पारंपरिक परिधान , वेस्टि(धोती ) हाफ शर्ट व कंधे पर अंगवस्त्रम रखे थे, पीएम मोदी ने महाबलीपुरम में चीनी राष्ट्रपति का स्वागत किया जिनपिंग को उन्होंने करीब 1 घंटे तक वहां के तमाम ऐतिहासिक स्थलों को घुमाया, जिसमें अर्जुन की तपस्थली, कृष्ण के मक्खन की गेंद, पंचरत्न आदि थे ,दोनों ने शोर मंदिर में रामायण का मंचन भी देखा,
चीनी राष्ट्रपति की स्वागत में करीब 2000 छात्र जिनपिंग का मुखौटा पहनकर अंग्रेजी के शब्द वेलकम की मुद्रा में वहां पहुंचे ,महाबलीपुरम शहर सातवीं सदी में पल्लव राजा नरसिंह वर्मन ने इसे बसाया था, इस शहर से 2000 साल पुराना चीन का संबंध है, प्रधानमंत्री मोदी ने चीन के राष्ट्रपति को शहर की ऐतिहासिक और अनमोल धरोहरों से रूबरू कराया, विश्राम के दौरान पीएम मोदी ने अपने हाथों से चीनी राष्ट्रपति को नारियल पानी दिया मोदी ने जिनपिंग को तंजाउर की पेंटिंग और एक नचियारकोईल दीप तोहफे में दिया 6 फीट ऊंची और 108 किलो वजनी नचियारकोइल दीप पर सोने की परत चढ़ी हुई है ,
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रात्रि भोज में दक्षिण भारतीय व्यंजनों का लुत्फ उठाया रात्रि भोज में सांभर और मसूर की दाल से बनी चीजें दक्षिण भारतीय पकवान उनकी भोज में शामिल हुए, इस व्यंजन के सबसे आकर्षण का केंद्र अराचुवित्ता सांभर रहा ,इस को लजीज बनाने के लिए मसूर की पीसी दाल, कुछ खास तरह के मसाले और नारियल का इस्तेमाल किया गया, इसके अलावा ईमली और टमाटर से तैयार , तक्कली रसम, मटर से तैयारी कदाली कुरूमा के साथ ही मिष्ठान के तौर पर हलवा शामिल किया गया, उनके लिए कुछ चुनिंदा मांसाहार व्यंजन का भी प्रबंध इस भोज में किया गया था|

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