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भारतीय मूल के अभिजीत बनर्जी समेत गरीबी से लड़ने का रास्ता दिखाने वाले तीन को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार:-

भारतीय मूल के अभिजीत बनर्जी समेत गरीबी से लड़ने का रास्ता दिखाने वाले तीन को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार:- नोबेल समिति ने भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक अभिजीत बनर्जी उनकी पत्नी फ्रांसीसी मूल की अमेरिकी एस्थर डुफ्लो और अमेरिकी माइकल क्रैमर को 2019 के अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार से संयुक्त रूप से देने का फैसला किया , इन तीनों को वैश्विक गरीबी खत्म करने में प्रयोग के सम्मान के लिए यह पुरस्कार दिया जाएगा, गरीबी से निपटने के इन तीनों अर्थशास्त्रियों के नजरिए ने विकासात्मक अर्थशास्त्र पूरी तरह बदल दिया है, 21 साल बाद किसी भारतवंशी को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार मिला है ,इससे पहले हावर्ड में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर अमर्त्य सेन को 1998 में यह सम्मान दिया गया था,
कांग्रेस ने अभिजीत बनर्जी से आम चुनाव के अपने वायदे “न्याय योजना” के लिए इन्हीं से सलाह ली थी ,पुरस्कार के तहत 90 स्वीडिश क्रोनर यानी 9.18 लाख डॉलर एक स्वर्ण पदक और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है,
नोबेल पुरस्कार पाने के बाद अभिजीत बनर्जी ने कहा कि वह बहुत खुश है कि बेहद गरीबों के लिए काम करने पर उन्हें यह पुरस्कार दिया गया, यह उनको समर्पित है जो दुनिया में वाकई में ऐसा काम कर रहे हैं ,जब नोबेल की खबर मिली तो वह सोने चले गए थे, अब तक अभिजीत बनर्जी समेत छह दमपंक्तियों को नोबेल से नवाजा जा चुका है इससे पहले 1903 में रेडियो एक्टिविटी की खोज के लिए मेरी क्यूरी उनके पति पियरे क्यूरी और हेनरी बेल को संयुक्त रूप से भौतिक के नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया था, मैरी क्यूरी ऐसी पहला महिला थी जिन्हें नोबेल मिला था ,
गरीबी पर शोध की वजह से अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार जीतने वाले अभिजीत विनायक बनर्जी की मां निर्मला बनर्जी कोलकाता के सेंटर फॉर स्टडीज इन सोशल साइंस में प्रोफेसर थी, इनके पिता दीपक बनर्जी प्रेसीडेंसी कॉलेज में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर थे, 58 वर्षीय अभिजीत ने 1981 में कोलकाता यूनिवर्सिटी से बीएससी 1983 से जेएनयू से एमए और 1988 हावर्ड यूनिवर्सिटी से पीएचडी की है, वह फिलहाल मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में फोर्ड फाउंडेशन में अर्थशास्त्र के अंतरराष्ट्रीय प्रोफेसर है,
अभिजीत के मां ने कहा गरीबी पर शोध की वजह से उन्हें नोबेल मिला है अभिजीत को बचपन से ही गरीबी परेशान करती थी और अभिजीत बचपन से ही अपने पिता और मां से इसके बारे में सवाल पूछते रहते थे, अभिजीत को नोबेल मिलने पर कई हस्तियों ने उन्हें बधाई दी है, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा की अभिजीत को नोबेल मिलने से वह बहुत खुश है और उन्हें और उनकी पत्नी को दिल से बधाई भी दी है, उनकी पत्नी डुप्लो दूसरी महिला हैं जिन्हें यह सम्मान मिला और अर्थशास्त्र के नोबेल के 50 साल के इतिहास में यह सम्मान पाने वाली दूसरी महिला बनी, इससे पहले यह सम्मान 2009 में अमेरिकी अर्थशास्त्री एलीनार एस्ट़म को दिया गया था ,डुप्लो अर्थशास्त्र में नोबेल जीतने वाली सबसे कम उम्र की महिला भी बनी|

4 thoughts on “भारतीय मूल के अभिजीत बनर्जी समेत गरीबी से लड़ने का रास्ता दिखाने वाले तीन को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार:-

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