मिशन चंद्रयान 2 :सफल प्रक्षेपण पृथ्वी की कक्षा में पहुंचा:-

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मिशन चंद्रयान 2 :सफल प्रक्षेपण पृथ्वी की कक्षा में पहुंचा:-”


स्वर्ग के सम्राट को जाकर खबर कर दो ,रोज आकाश चढ़ते जा रहे हैं हम”|
ट्विटर पर जब कुमार विश्वास ने चर्चित कवि रामधारी सिंह दिनकर की यह पंक्ति ट्वीट की जब अंतरिक्ष में भारत ने अपनी chandrayaan-2 की सफल उड़ान भरी, |श्रीहरिकोटा से जब 22 जुलाई 2:43 पर chandrayaan-2 ने उड़ान भरी तो पूरे देशवासियों के लिए बेहद गौरव वाला पल था था |भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान ने chandrayaan-2 को सोमवार दोपहर 2:43 पर देश के सबसे ताकतवर जीएसएलवी मार्क 3 m1 राकेट “बाहुबली “से सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कर इतिहास रच दिया ,यह वह पल था जब करोड़ों भारतवासी खुशी से झूम उठे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपण के 16 मिनट बाद ही यान पृथ्वी की कक्षा में स्थापित हो गया chandrayaan-2 6-7 सितंबर को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचेगा, इसरो के प्रमुख के सिवन ने सफल प्रक्षेपण की घोषणा करते हुए कहा इस मिशन की सोच से बेहतर शुरुआत हुई है | इस शानदार कामयाबी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बधाई दी उन्होंने यह प्रक्षेपण लाइव देखा, प्रधानमंत्री बोले यह पूरे भारत वासियों वासियों के लिए गर्व का पल है |यह 10 साल में चांद पर जाने वाला भारत का दूसरा मिशन चंद्रयान टू अपने सफ़र परनिकला है जब अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग के चंद्रमा पर कदम रखने की 50वीं सालगिरह मनाई जा रही है| 20 जुलाई 1969 को आर्म स्ट्रांग ने चांद पर चांद पर अपना पहला कदम रखा था| सतीश धवन स्पेस सेंटर में जब दोपहर 2:43 पर chandrayaan-2 लॉन्च हुआ तो अंतरिक्ष केंद्र में बैठे सैकड़ों वैज्ञानिक ही नहीं बल्कि पूरे देश की धड़कन है मानो थम सी गई थी क्योंकि यह प्रक्षेपण के वक्त का सबसे अहम समय होता है| 33 सेकंड तक लोग बाहुबली को देखत जब तक वह बादलों के उस पार नहीं चला गया 44 मीटर लंबा बाहुबली राकेट 15 मंजिला इमारत जितना ऊंचा है,

मिशन की 15 जुलाई को लांचिंग होनी थी लेकिन थी लेकिन उसमें होनी थी लेकिन उसमें कुछ तकनीकी खराबी की वजह से इस प्रक्षेपण को टाल दिया गया था और वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की टीम ने 7 दिन तक लगातार काम करके इसको सही कर दिया |और 22 जुलाई को ही प्रक्षेपण कर दिया chandrayaan-2 में तीन हिस्से हैं आर्बिटर चंद्रमा की कक्षा में चक्कर लगाएगा लैंडर विक्रम चंद्रमा की सतह पर उतरेगा रोवर प्रज्ञान जो चांद की जानकारियां एकत्रित करेगा| अंतरिक्ष यान 22 जुलाई से 13 अगस्त तक पृथ्वी की कक्षा का चक्कर लगाएगा 1 सितंबर को विक्रम आर्बिटर से अलग होगा और चांद के दक्षिणी ध्रुव की तरफ तरफ यात्रा शुरू करेगा 5 दिन बाद विक्रम को दक्षिणी ध्रुव पर लैंड कराने का वक्त है लैंडिंग के 4 घंटे बाद रोवर प्रज्ञा लेंडर से निकलकर से निकलकर चांद की सतह पर 1 सेंट मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से यात्रा करेगा 23 दिनों तक तक पृथ्वी की कक्षा में यान रहेगा इस दौरान चंद्रयान का अधिकतम वेग 10 किलोमीटर प्रति सेकंड और न्यूनतम 3 किलोमीटर प्रति सेकंड होगा |13 दिनों की चांद की कक्षा में रहेगा प्रक्षेपण के तीसरे दिन chandrayaan-2 पृथ्वी की कक्षा से निकलकर चांद की कक्षा में पहुंचेगा यहां वह 13 दिनों तक रहेगा पहले इसे यहां पर 28 दिनों तक रहना था इस दौरान उसका स्पीड 10 किलोमीटर प्रति सेकंड और फिर बाद में 4 किलोमीटर प्रति सेकंड की की की रफ्तार से उड़ान भरेगा पृथ्वी की कक्षा से निकलकर चांद की कक्षा में पहुंचने के बाद इसके लैंडिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी जो चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा 48 दिन में चांद की सतह पर पर में चांद की सतह पर पर पहुंचेगा chandrayaan-2 को बनाने में अमेरिका सेटेलाइट अपोलो से कम लागत आई है से अमेरिका के अपोलो प्रोग्राम की लागत लगभग 25 अरब डालर है वही chandrayaan-2 की लागत लगभग 14 करोड डालर है chandrayaan-2 के सफल प्रक्षेपण पर प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वैज्ञानिकों को बधाई दी है| राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा” chandrayaan-2 का प्रक्षेपण हर भारतीय के लिए गौरव का क्षण है भारत के स्वदेशी अंतरिक्ष कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए इसरो के सभी वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई मेरी कामना है कि तकनीकी के नए क्षेत्रों में इसरो नित नई ऊंचाइयों को छुएगा “| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में टीवी पर chandrayaan-2 की सफल लांचिंग को सफल लांचिंग को लाइव देखा उन्होंने ट्वीट किया “अपने गौरव में इतिहास में भारत ने कुछ शानदार पल और जोड़े chandrayaan-2 की लांचिंग हमारे वैज्ञानिकों की ताकत और 130 करोड़ भारतीयों के दृढ़ निश्चय को दिखाती है chandrayaan-2 की जो बात भारतीयों को और ज्यादा उत्साहित करती है वह यह है कि यह पूर्णता स्वदेशी है यह देश वासियों के लिए गौरव का क्षण है”| 2003 में जब इसरो चंद्रमा पर मिशन भेजे जाने की योजना बना रहा था तब डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा था कि 1 दिन आएगा जब देश कामयाबी हासिल कर लेगा उन्होंने कहा था जब चांद के चक्कर लगा सकते हैं तो वहां यान को उतार भी सकते हैं ,और उनका यह सपना आज पूरा होते दिख रहा है| इस सफल प्रक्षेपण के बाद देश के तमाम दिग्गजों ने इसरो को बधाई दी क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने कहा” जय हिंद मैं इसरो की टीम को एक और मील का पत्थर हासिल करने पर बधाई देता हूं उम्मीद है यह भविष्य में कई और महत्वाकांक्षी और सफल अभियानों की राह राह बनाएगा”| अभिनेता शाहरुख खान ने ट्वीट किया “चांद तारे तोड़ लाऊं सारी दुनिया पर मैं छाऊं “ऐसा करने के लिए घंटों की कड़ी मेहनत विश्वास और एकता की जरूरत होती है इसरो और chandrayaan-2 को ढेर सारी शुभकामनाएं| संसद ने भी सभी वैज्ञानिकों को chandrayaan-2 के सफल प्रक्षेपण के लिए बधाई दिया लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सफल प्रक्षेपण की सूचना देते हुए कहा भारत ने अंतरिक्ष में अपनी महारत दर्शाई है |राज्यसभा में अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने भारतीय तकनीक से हुए सफल प्रक्षेपण के लिए वैज्ञानिकों को बधाई दी| यूपी के सीएम आदित्यनाथ ने इसे प्रेरणा दाई कहा विदेशों से भी इसरो के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाइयां मिल रही नासा ने कहा हमें मदद मिलेगी उसे मिशन के चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर मिली जानकारियों का इंतजार रहेगा उसे इसी क्षेत्र में अपने भावी मानव मिशन आर्टेमिस को भेजने में मदद मिलेगी |चीन बोला हम स्पर्धा में नहीं है वह किसी भी देश के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए इसकी योजना नहीं बना रहा है|

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