स्मृति शेष जेटली:- भाजपा के चाणक्य प्रखर

स्मृति शेष जेटली:– भाजपा के चाणक्य अधिवक्ता व कुशल वक्ता अरुण जेटली के निधन से पूरा देश स्तब्ध है उनके निधन से पूरे देश में शोक की लहर है उनके निधन पर सभी प्रमुख हस्तियों ने चाहे वह राजनीति और क्रिकेट जगत हो या फिल्म जगत है सभी लोगों ने दुख व्यक्त किया,
वह 9 अगस्त से ही एम्स में सांस लेने में तकलीफ व बेचैनी के कारण भर्ती थे ,दोपहर शनिवार 12:07 पर उन्होंने अंतिम सांस ली एम्स के डॉक्टर ने बताया कि फेफड़ों में पानी भरने और सांस लेने में तकलीफ के चलते उन्हें यहां भर्ती किया गया था, उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था मगर उन्हें बचाया नहीं जा सका,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो विदेश दौरे पर हैं उन्होंने शनिवार को बहरीन से जेटली को श्रद्धांजलि दी उन्होंने भावुक होकर कहा मैं मन में गहरा शोक दबाए बैठा हूं, जिस दोस्त के साथ सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक यात्रा पर कदम से कदम मिलाकर चले ,हर पल साथ जुड़े रहे, साथ मिलकर जूझे ,सपनों को सजाने व निभाने का सफर इनके साथ किया उस दोस्त अरुण जेटली ने आज देह छोड़ दी, मैं कल्पना भी नहीं कर सकता मैं यहां बैठा हूं और मेरा दोस्त चला गया, पहले बहन सुषमा चली गई और अब मेरा दोस्त चला गया |
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा “प्रतिभाशाली वकील अनुभवी सांसद व प्रतिष्ठित मंत्री के रूप में जेटली ने राष्ट्र के निर्माण में बड़ा योगदान दिया “,वही हैदराबाद मे गृहमंत्री अमित शाह अरुण जेटली के निधन की सूचना मिलते ही दिल्ली वापस आए अपने रिश्तो की याद करते हुए अमित शाह की आंखें भर आई, उन्होंने कहा मेरे निजी जीवन में जब भी संकट आया तो वह मेरे साथ खड़े रहे ,मेरे परिवार को भी मुश्किल वक्त में उन्होंने धैर्य दिलाया| वहीं गृह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी लखनऊ दौरा छोड़कर दिल्ली लौट आये, उन्होंने कहा जेटली बड़े फैसले लेने वाले दूर दृष्टि सोच वाले नेता थे,
छात्र राजनीति कठिन डगर और आपातकाल के विरुद्ध संघर्ष करके सियासत की सीढ़ियां चढ़ते हुए अरुण जेटली विपक्ष और सत्ता दोनों ही भूमिकाओं में अव्वल रहे ,जब भी भाजपा पर संकट या समस्या आई वह संकटमोचक की तरह निकाल कर सामने आए, 2014 में भाजपा शासन में व लोकसभा सीट हार जाने के बाद भी भारत के वित्त मंत्री बने बतौर वित्त मंत्री उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को धार दी, जीएसटी लागू कराने वाले शिल्पकार बने ,देश में एक टेक्स व्यवस्था लागू करना आसान नहीं था लेकिन जेटली ने इसे लागू करने की कमान संभाली और जीएसटी काउंसिल बनाकर राज्य सरकारों को प्रतिनिधित्व दिया, और उनकी गलतफहमियां भी दूर की 2014 के पहले तक रेल और आम बजट अलग-अलग पेश किया जाता था 90 साल पुरानी इस परंपरा को उन्होंने तोड़ते हुए रेल बजट को भी आम बजट का हिस्सा बना दिया ,और बजट की तारीख भी बदला आजादी के बाद से ही आम बजट 28 फरवरी को संसद में पेश किया जाता था 2017 में इसे बदल दिया अब बजट 1 फरवरी को पेश किया जाता है |
उन्होंने बैंकिंग व्यवस्था में ढांचागत सुधार भी किए और इसके लिए कानून बनाया बड़े कर्ज लेकर कटक जाने वाली कंपनियों में उन्होंने खौफ पैदा किया जिसकी जरूरत थी उन्होंने 2016 में मौद्रिक नीति समिति गठित की जिसका मकसद मौद्रिक नीति बनाने में पारदर्शिता और जवाबदेही लाना था रिजर्व बैंक के गवर्नर की अगुवाई वाली समिति ही ब्याज दरों को तय करती है जेटली की उपलब्धि राजकोषीय घाटा कम करने में भी , रही 2014 में भारत का जो राजकोषीय घाटा 4.5% था वह अप्रैल 2019 में घटकर 3.4 पर आ गया|
अरुण जेटली दो बार देश के रक्षा मंत्री भी बने और उन्होंने रक्षा मंत्री रहते हुए इस क्षेत्र बड़े सैन्य सुधार किए भाजपा सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान अरुण जेटली प्रधानमंत्री के सबसे प्रिय और ताकतवर मंत्रियों में से एक थे उन्हें पर्दे के पीछे सरकार की रणनीति बनाने में महारत हासिल थी जेटली के व्यक्तित्व की यह कमाल था कि हर दल में दिग्गज लोग उनके दोस्त हैं ,अरुण जेटली 2002 में गुजरात दंगे के बाद भाजपा के शीर्ष नेताओं में गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी के समर्थन में मजबूती के साथ खड़े रहे ,जब अटल बिहारी बाजपेई राजधर्म की याद दिला कर मोदी के खिलाफ कार्रवाई करने की सोच रहे थे तब जेटली ने आडवाणी पर ऐसा करने से रोकने का दबाव डाला, यह अरुण जेटली की कोशिश का ही नतीजा था कि कई नेता मोदी के पीछे खड़े नजर आए इस घटना ने मोदी को जेटली के सबसे ज्यादा करीब ला दिया |
अरुण जेटली राजनीति के साथ-साथ क्रिकेट में भी काफी दिलचस्पी रखते थे जब वह दिल्ली क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष थे उस समय वीरेंद्र सहवाग गौतम गंभीर विराट कोहली आशीष नेहरा शिखर धवन जैसे खिलाड़ियों को उन्होंने स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई इसलिए उनके निधन पर क्रिकेट जगत में भी काफी दुख है भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड में भी उनकी अच्छी पैठ थी उनके अधिकारी भी नीतिगत फैसला लेने से पहले उनसे सलाह लेते थे|

One thought on “स्मृति शेष जेटली:- भाजपा के चाणक्य प्रखर

  • September 1, 2019 at 5:42 pm
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    Nation has lost one of the most respected leader,loss of Jatiley and Sushma ji is most are the most popular ;leader and fa e of BJP.
    Rip in peace

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