संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति का अभिभाषण

संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति का अभिभाषण : सीएए कानून बापू और अंबेडकर की इच्छा का सम्मान, राष्ट्रपति:- बजट सत्र शुरुआत के पहले दिन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद में दोनों सदनों को संयुक्त संबोधित करते हुए कहा कि नागरिकता संशोधन कानून राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और डॉक्टर भीमराव अंबेडकर अंबेडकर के सपनों का सम्मान है, सरकार ने कानून बनाकर बनाकर दोनों के सपनों का सम्मान किया, राष्ट्रपति ने अपने 70 मिनट लंबे भाषण में अनुच्छेद 370 ,तीन तलाक, राम मंदिर और अर्थव्यवस्था समेत कई मुद्दों पर सरकार की नीतियों को सराहा, उन्होंने कहा कि शरणार्थियों को नागरिकता से किसी क्षेत्र की भौगोलिक सांस्कृतिक स्थिति पर इसका प्रभाव न पड़े इसका भी इस कानून में प्रावधान है ,

सीएए पर हो रही हिंसा पर उन्होंने कहा किसी मुद्दे पर वाद विवाद और चर्चा लोकतंत्र को मजबूत बनाते हैं मगर विरोध के नाम पर हिंसा से देश और समाज दोनों ही कमजोर होता है ,भारत में आस्था रखने और नागरिकता के इच्छुक दुनिया के सभी पंथो के लोगों के लिए स्थितियां पहले की ही तरह हैं, लेकिन पाकिस्तान बांग्लादेश और अफगानिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार की निंदा करते हुए खासतौर से उन्होंने उन्होंने पाकिस्तान पर विश्व समुदाय से आवश्यक कदम उठाने की अपील की, राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में चीफ ऑफ डिफेंस डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति और डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स के गठन को भी रक्षा क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि बताया, उन्होंने कहा इससे सेना को और मजबूती मिलेगी बाहरी सुरक्षा से जुड़ी कठिन चुनौतियों का सामना करने सेनाओ को सशक्त और आधुनिक तथा प्रभावशाली बनाने में इससे काफी मदद मिलेगी,

घाटी से अनुच्छेद 370 तथा 35ए के हटाने के फैसले को भी राष्ट्रपति ने ऐतिहासिक बताते हुए कहा अब जम्मू कश्मीर और लद्दाख में समान विकास का रास्ता खुला है, अब इन राज्यों को केंद्र की तमाम महत्वाकांक्षी योजनाओं का सीधे लाभ मिल सकेगा, राष्ट्रपति ने तीन तलाक को दंडनीय अपराध बनाने की प्रशंसा करते हुए कहा इससे महिला सशक्तिकरण और महिलाओं के स्वाभिमान को बल मिलेगा, तीन तलाक से महिलाओं को मुक्ति मिल जाएगी ,राष्ट्रपति ने असम में हुए बोडो संगठनों के साथ केंद्र सरकार के द्वारा समझौते को भी उन्होंने ऐतिहासिक बताया, उन्होंने कहा कि लंबे समय से चली आ रही इस समस्या को खत्म करने के लिए इस समझौते से दूरगामी परिणाम होंगे, राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा राम मंदिर पर आए ऐतिहासिक फैसले का भी जिक्र किया, उन्होंने कहा कि देश की जनता द्वारा इस फैसले पर दिखाई गई परिपक्वता सराहना की हकदार है ,उन्होंने कहा सद्भावना कायम रखने के लिए देश की जनता को वह बधाई देते हैं ,राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में लोगों से स्वदेशी खरीदने का भी आह्वान किया, उन्होंने कहा हमें अपने स्वदेशी सामान खरीदकर अपने घरेलू निर्माताओं को बढ़ावा दे सकते हैं और इससे छोटे उद्यमियों को बड़ा मुनाफा होगा ,सरकार देश की अर्थव्यवस्था को 50 खरब डॉलर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है ,उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था काफी मजबूत है और विदेशी मुद्रा भंडार 450 बिलियन डालर के रिकॉर्ड स्तर पर है,

बजट सत्र के पहले दिन सरकार और विपक्ष के बीच नागरिकता संशोधन कानून पर वार पलटवार हुआ विपक्ष ने पलटवार हुआ विपक्ष ने सोनिया गांधी के नेतृत्व में एकजुट होकर काली पट्टी बांधकर संसद भवन में महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने धरना दिया, फिर वह काली पट्टी बांधकर संसद के सेंट्रल हाल पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कई विपक्षी नेता जिनके लिए पहली पंक्ति में सीटें आवंटित थी उसको छोड़ कर कर यह सब लोग पांचवी पंक्ति में में एक साथ जाकर बैठ गए, गुलाम नबी आजाद ने सरकार पर इस दौरान अहंकार दिखाने का आरोप लगाया जबकि संसदीय कार्य मंत्री पहला जोशी ने उनके उनके उनके इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि यह बिल संसद के दोनों सदनों से पास हुआ है,

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